प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

By: Kaushal

On: January 10, 2026

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नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

सूरजपुर/बिश्रामपुर। प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कक्षा पहली से तीसरी तक के शिक्षकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण नवीन पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग और बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर केंद्रित रहा।शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिश्रामपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण में सूरजपुर विकासखंड के कुल 270 प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए शिक्षकों को तीन जोनों—लटोरी, बिश्रामपुर बालक और कन्या बिश्रामपुर—में विभाजित किया गया था।डाइट अंबिकापुर से आए मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षणार्थियों को नवीन पाठ्यपुस्तकों की अवधारणा, गतिविधि आधारित शिक्षण, सीखने के परिणामों तथा कक्षा संचालन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को व्यवहारिक गतिविधियों, समूह कार्य और शिक्षण नवाचारों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया।प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि नवीन पाठ्यपुस्तकें बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता (FLN) को मजबूत करने के लिए तैयार की गई हैं।

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ये पुस्तकें बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सीखने के प्रति आनंदित करती हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप हैं।संस्था प्राचार्य आशीष कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण भविष्य की मजबूत नींव रखता है। नवीन पाठ्यपुस्तकें बच्चों के बौद्धिक, नैतिक और रचनात्मक विकास में सहायक सिद्ध होंगी।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण से आगे बढ़कर गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। वहीं बीआरसी मनोज कुमार मंडल ने कहा कि FLN लक्ष्यों की प्राप्ति में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।

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