अब स्थानीय परीक्षाएं खुद आयोजित करेंगे स्कूलनिजी स्कूलों के विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने अपने पहले जारी आदेश को वापस ले लिया है। अब प्रदेश के निजी स्कूल 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर बाकी सभी कक्षाओं की परीक्षाएं स्वयं आयोजित करेंगे। इस निर्णय से निजी स्कूलों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें परीक्षा संचालन में स्वतंत्रता मिल गई है।
नए निर्देशों के अनुसार, स्कूलों को स्थानीय स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार करने की अनुमति दी गई है। प्रश्न पत्र ब्लू प्रिंट के आधार पर बनाए जाएंगे और प्रत्येक विषय के लिए तीन सेट तैयार किए जाएंगे। यह कार्य 15 फरवरी तक पूरा करना अनिवार्य होगा।समिति गठन और मॉनिटरिंग व्यवस्थाशिक्षा विभाग ने स्थानीय परीक्षा संचालन, प्रश्न पत्र निर्माण एवं मॉनिटरिंग समिति के गठन का भी निर्देश दिया है। पहले यह समिति 5 फरवरी तक गठित की जानी थी, लेकिन 4 फरवरी की शाम को आदेश में संशोधन करते हुए एक दिन की अतिरिक्त समय सीमा दी गई। अब यह समिति 20 फरवरी तक प्रश्न पत्रों की निगरानी करेगी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
मूल्यांकन और परिणाम की समय-सीमावार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। यह प्रक्रिया 20 अप्रैल तक पूरी करनी होगी। इसके बाद 30 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे। खास बात यह है कि वार्षिक परीक्षा के परिणाम में त्रैमासिक एवं छमाही परीक्षा के अंकों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों का समग्र मूल्यांकन संभव हो सकेगा।फैसले का प्रभावइस फैसले से निजी स्कूलों को अपनी शैक्षणिक योजना के अनुसार परीक्षा आयोजित करने की सुविधा मिलेगी। वहीं, छात्रों को भी समय पर परीक्षा परिणाम मिलने का लाभ होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजन से स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी संभव होगी।